प्रकाशक Ajay Maken, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण।
हवा का हिसाब Hawa Ka Hisab
रिपोर्ट · 09 July 2026

मौसम ने ज़हर छुपाया है, हटाया नहीं — यह नीति की नाकामी है।

आज दिल्ली का औसत AQI 58 है — और मौसम का असर हटाने पर भी यह बढ़ ही रहा है।

विश्लेषण की अवधि: 8 जुलाई सुबह 10 बजे से 9 जुलाई सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 2 जुलाई से 16 जुलाई 2025

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

Weather is not the excuse
पिछले साल के मुक़ाबले इस बार बारिश पिछले साल 6.7 मिमी से बढ़कर 44.3 मिमी — बारिश प्रदूषण धो देती है — इससे प्रदूषण ज़्यादा बिखरा और हवा साफ़ दिखी। पर मौसम का असर हटाने पर AQI पिछले साल से 12 अंक ऊपर है — असली प्रदूषण बढ़ा है; सुधार नीति की नहीं, मौसम की देन है।
Pollutant detail
मौसम का असर हटाने पर PM ten पिछले साल से 19 percent ऊपर है — यह बढ़त नीति की विफलता है, मौसम की नहीं।
Pollutant detail
मौसम का असर हटाने पर PM two point five पिछले साल से 10 percent ऊपर है — यह बढ़त नीति की विफलता है, मौसम की नहीं।
What it does to health
University of Chicago के Air Quality Life Index के अनुसार, दिल्ली का प्रदूषण औसत आयु को सालों घटाता है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें — एक, PM ten के स्रोत — निर्माण-धूल और सड़क-धूल पर तुरंत सख़्ती। दो, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur के इलाक़े में स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी। तीन, CAQM और DPCC की जवाबदेही तय हो — निष्क्रियता पर कार्रवाई।
एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों — ख़ासकर NO2 — में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं, जिनसे इनका दर्ज स्तर 80 percent से ज़्यादा तक ग़लत हो सकता है; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं — इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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