प्रकाशक Ajay Maken, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण।
हवा का हिसाब Hawa Ka Hisab
रिपोर्ट · 12 July 2026

यह बढ़त नीति की विफलता है, मौसम की नहीं।

आज दिल्ली का औसत AQI 229 है — और मौसम का असर हटाने पर भी यह पिछले साल से ऊपर ही है।

विश्लेषण की अवधि: 11 जुलाई सुबह 10 बजे से 12 जुलाई सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 5 जुलाई से 19 जुलाई 2025

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

Weather is not the excuse
पिछले साल के मुक़ाबले इस बार बारिश पिछले साल 6.9 मिमी से घटकर 0 मिमी — बारिश कम होने से प्रदूषण धुलता नहीं — इससे प्रदूषण ज़्यादा टिका और हवा बदतर दिखी। पर मौसम का असर हटाने पर AQI पिछले साल से 23 अंक ऊपर है — असली प्रदूषण बढ़ा है; दिखने में जो बिगड़ाव लगा उसमें मौसम का बड़ा हाथ है।
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मौसम का असर हटाने पर भी, दिल्ली के सभी 30 मिलान स्टेशन पिछले साल से बदतर हैं — औसतन 22 AQI अंक ऊपर। यह बढ़त पूरे शहर में है, कहीं छूट नहीं।
What it does to health
इस ‘ख़राब’ हवा में लंबे समय तक रहने पर ज़्यादातर लोगों को साँस की तकलीफ़ होती है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें — एक, PM ten के स्रोत — निर्माण-धूल और सड़क-धूल; और PM two point five के स्रोत — उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन — दोनों पर तुरंत सख़्ती। दो, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Anand Vihar के इलाक़े में स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी। तीन, हर स्टेशन का real-time AQI नागरिकों को खुले तौर पर मिले।

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