प्रकाशक Ajay Maken, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण।
हवा का हिसाब Hawa Ka Hisab
रिपोर्ट · 13 July 2026

Anand Vihar — रिकॉर्ड सबसे ऊँचा AQI 500! यंत्र इससे ऊपर नाप ही नहीं सकता।

आज दिल्ली का औसत AQI 310 पर टिका है — और मौसम का हाथ अलग कर दें, तब भी यह पिछले साल से ऊपर ही ठहरता है।

विश्लेषण की अवधि: 12 जुलाई सुबह 10 बजे से 13 जुलाई सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 6 जुलाई से 20 जुलाई 2025
हिंदी में। अवधि 63 सेकंड।

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

Level alarm
अभी मानसून का महीना है — साल का वह दौर जब हवा सबसे धुली और सबसे साफ़ रहती है। इसके बावजूद दिल्ली की हवा ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी में है। बरसात में जब यह आलम है, तो ज़रा नवंबर की सर्दियों की कल्पना कीजिए।
What it does to health
‘बहुत ख़राब’ हवा में देर तक साँस लेते रहना फेफड़ों के रोग को न्योता देता है; दिल और फेफड़े के मरीज़ों के लिए तो यह और भी ख़तरनाक है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें — पहली, PM ten के स्रोतों — निर्माण-धूल और सड़क-धूल — तथा PM two point five के स्रोतों — उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन — दोनों पर बिना देर नकेल कसी जाए। दूसरी, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur के इलाक़े में स्थानीय स्रोतों पर फ़ौरन कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी जारी हो। तीसरी, CAQM और DPCC की जवाबदेही तय हो — निष्क्रियता पर कार्रवाई हो।
एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों — ख़ासकर NO2 — में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं, जिनसे इनका दर्ज स्तर 80 percent से ज़्यादा तक ग़लत हो सकता है; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं — इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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