प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 15 July 2026

मौसम हटाने पर भी — दिल्ली की हवा लगातार 47 दिन से पिछले साल से बदतर। एक दिन भी राहत नहीं। यह टिकाऊ प्रदूषण है, मौसम नहीं।

आज दिल्ली का औसत AQI 157 है — और मौसम का असर हटाने पर भी यह पिछले साल से ऊपर ही है।

308
सबसे ख़राब स्टेशन पर एक्यूआई
Anand Vihar, बहुत ख़राब
विश्लेषण की अवधि: 14 जुलाई सुबह 10 बजे से 15 जुलाई सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 8 जुलाई से 22 जुलाई 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 0.6 MB
हिंदी में। अवधि 114 सेकंड।

सबूत

रोज़ का residual: इस साल का स्तर घटा पिछले साल का

■ लाल रेखा: मौसम का असर हटाने के बाद का residual। शून्य रेखा से ऊपर यानी प्रदूषण पिछले साल से ज़्यादा था; शून्य रेखा से नीचे यानी कम था।
+0+10+20+30 पिछले साल के बराबर +21.6 30 May22 Jun15 Jul µg/m³
हर बिंदु एक residual है: उस दिन का PM10 स्तर, घटा पिछले साल की इसी अवधि का स्तर, मौसम का असर हटाने के बाद। छायांकित पट्टी हर दिन की अनिश्चितता दिखाती है। शून्य रेखा से ऊपर का मतलब है कि दिल्ली की हवा सचमुच पिछले साल से बदतर थी, सिर्फ़ हवा की बदक़िस्मती नहीं; रेखा से नीचे का मतलब है सचमुच साफ़।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

What de-weathering means
‘मौसम का असर हटाना’ यानी de-weathering का मतलब है — हम आँकड़ों में से हवा, बारिश और तापमान का असर गणित से निकाल देते हैं। बारिश और तेज़ हवा प्रदूषण को धो देती या बहा ले जाती है, और शांत मौसम उसे रोक लेता है — इसलिए किसी एक दिन की हवा अच्छी या बुरी सिर्फ़ मौसम की वजह से दिख सकती है। मौसम का यह असर हटाने के बाद जो बचता है, वही है शहर का अपना, सचमुच का प्रदूषण — और वही 47 दिन से लगातार ऊपर है।
Weather is not the excuse
पिछले साल के मुक़ाबले इस बार बारिश 5.3 मिमी से घटकर 0 मिमी — बारिश कम होने से प्रदूषण धुलता नहीं — इससे प्रदूषण ज़्यादा टिका और हवा बदतर दिखी। पर मौसम का असर हटाने पर AQI पिछले साल से 20 अंक ऊपर है — असली प्रदूषण बढ़ा है; दिखने में जो बिगड़ाव लगा उसमें मौसम का बड़ा हाथ है।
मौसम का असर हटाने पर भी, दिल्ली के सभी 31 मिलान स्टेशन पिछले साल से बदतर हैं — औसतन 21 AQI अंक ऊपर। यह बढ़त पूरे शहर में है, कहीं छूट नहीं।
Pollutant detail
मौसम का असर हटाने पर PM ten पिछले साल से 28 percent ऊपर है — यह बढ़त नीति की विफलता है, मौसम की नहीं। यह अनुमान मॉडल पर निर्भर है।
Pollutant detail
मौसम का असर हटाने पर PM two point five पिछले साल से 34 percent ऊपर है — यह बढ़त नीति की विफलता है, मौसम की नहीं। यह अनुमान मॉडल पर निर्भर है।
Against the WHO standard
आज PM two point five में दिल्ली के सभी 45 स्टेशन WHO सीमा से ऊपर हैं — और मौसम का असर हटाने के बाद भी सभी 45 ऊपर ही रहते हैं; PM ten में दिल्ली के सभी 45 स्टेशन WHO सीमा से ऊपर हैं — और मौसम का असर हटाने के बाद भी सभी 45 ऊपर ही रहते हैं।
What it does to health
इस स्तर पर साँस और दिल के मरीज़ों, बच्चों और बुज़ुर्गों को तकलीफ़ हो सकती है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें — एक, PM ten के स्रोत — निर्माण-धूल और सड़क-धूल; और PM two point five के स्रोत — उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन — दोनों पर तुरंत सख़्ती। दो, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur के इलाक़े में स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी। तीन, WHO मानकों की ओर AQI लक्ष्य कठोर किए जाएँ।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों — ख़ासकर NO2 — में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं, जिनसे इनका दर्ज स्तर 80 percent से ज़्यादा तक ग़लत हो सकता है; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं — इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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