प्रकाशक Ajay Maken, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण।
हवा का हिसाब Hawa Ka Hisab
रिपोर्ट · 18 July 2026

मौसम हटाने पर भी — दिल्ली की हवा लगातार 50 दिन से पिछले साल से बदतर। एक दिन भी राहत नहीं। यह टिकाऊ प्रदूषण है, मौसम नहीं।

आज दिल्ली का औसत AQI 171 दर्ज हुआ है — और मौसम का असर निकाल दें, तब भी यह पिछले साल से ऊपर ही ठहरता है।

50
लगातार दिन बदतर
पिछले साल की इसी अवधि से
126 / 199
इस साल बदतर दिन
2026 में मापे गए कुल दिनों में से
+15.1
औसत अधिकता, µg/m³
PM10 पिछले साल से ऊपर, मौसम का असर हटाकर
विश्लेषण की अवधि: 17 जुलाई सुबह 10 बजे से 18 जुलाई सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 11 जुलाई से 25 जुलाई 2025

मौसम का असर हटाने के बाद

+0+10+20+30+40 same as last year +22.4 30 May24 Jun18 Jul µg/m³
हर बिंदु उस दिन का PM10 स्तर है, पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में, मौसम का असर हटाने के बाद। छायांकित पट्टी हर दिन की अनिश्चितता दिखाती है। रेखा से ऊपर का मतलब है कि दिल्ली की हवा सचमुच बदतर थी, सिर्फ़ हवा की बदक़िस्मती नहीं।

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

What de-weathering means
‘मौसम का असर हटाना’, यानी de-weathering, का अर्थ यह है — हम आँकड़ों में से हवा, बारिश और तापमान का हिस्सा गणित के ज़रिए अलग कर देते हैं। बारिश और तेज़ हवा प्रदूषण को धो या बहा ले जाती है, और ठहरा हुआ मौसम उसे थाम लेता है — इसीलिए किसी एक दिन की हवा अच्छी या बुरी महज़ मौसम के चलते नज़र आ सकती है। मौसम का यह हिस्सा अलग कर देने पर जो बाक़ी बचता है, वही शहर का अपना, सच्चा प्रदूषण है — और वही 50 दिन से लगातार ऊपर है।
Weather is not the excuse
पिछले बरस के मुक़ाबले इस बार बारिश 4.3 मिमी से सिमटकर 0 मिमी रह गई — बारिश घटने पर प्रदूषण धुल नहीं पाता — इसलिए वह ज़्यादा ठहरा और हवा बदतर दिखी। मगर मौसम का असर हटाते ही AQI पिछले साल से 21 अंक ऊपर बैठता है — असली प्रदूषण चढ़ा है; आँखों को जो बिगड़ाव दिखा, उसमें मौसम का बड़ा हाथ है।
Pollutant detail
मौसम का असर अलग करते ही PM ten पिछले साल से 29 percent ऊपर ठहरता है — यह चढ़ाव नीति की नाकामी है, मौसम की नहीं। भरोसे का दायरा 22.6 से 35.2 percent — मॉडल की अपनी अनिश्चितता को जोड़कर।
Pollutant detail
मौसम का असर अलग करते ही PM two point five पिछले साल से 36 percent ऊपर ठहरता है — यह चढ़ाव नीति की नाकामी है, मौसम की नहीं। भरोसे का दायरा 30.2 से 42 percent — मॉडल की अपनी अनिश्चितता को जोड़कर।
Against the WHO standard
आज PM two point five में दिल्ली के सभी 45 स्टेशन WHO सीमा को पार किए हुए हैं — और मौसम का असर हटा देने पर भी वे सभी 45 ऊपर ही टिके रहते हैं; PM ten में भी दिल्ली के सभी 45 स्टेशन WHO सीमा के पार हैं — और मौसम का असर हटा देने पर भी सभी 45 ऊपर ही बने रहते हैं।
Worst station
सबसे बुरी हालत Anand Vihar की है — AQI 359, ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी, और इसे ऊपर धकेल रहा है PM ten।
What it does to health
इस स्तर की हवा में साँस और दिल के रोगियों, छोटे बच्चों और बुज़ुर्गों को तकलीफ़ उठानी पड़ सकती है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें — पहली, PM ten के स्रोतों — निर्माण-धूल और सड़क-धूल — और PM two point five के स्रोतों — उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन — दोनों पर बिना देर सख़्ती हो। दूसरी, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur के इलाक़े में स्थानीय स्रोतों पर फ़ौरन कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी जारी हो। तीसरी, ‘ख़राब’ से ऊपर के हर दिन जन-स्वास्थ्य protocol लागू किया जाए।
एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों — ख़ासकर NO2 — में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं, जिनसे इनका दर्ज स्तर 80 percent से ज़्यादा तक ग़लत हो सकता है; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं — इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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