आज की पूरी रिपोर्ट
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मौसम का असर हटाने के बाद
हर बिंदु उस दिन का PM10 स्तर है, पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में, मौसम का असर हटाने के बाद। छायांकित पट्टी हर दिन की अनिश्चितता दिखाती है। रेखा से ऊपर का मतलब है कि दिल्ली की हवा सचमुच बदतर थी, सिर्फ़ हवा की बदक़िस्मती नहीं।
आज की रिपोर्ट क्या कहती है
What de-weathering means
‘मौसम का असर हटाना’ यानी de-weathering का मतलब है — हम आँकड़ों में से हवा, बारिश और तापमान का असर गणित से निकाल देते हैं। बारिश और तेज़ हवा प्रदूषण को धो देती या बहा ले जाती है, और शांत मौसम उसे रोक लेता है — इसलिए किसी एक दिन की हवा अच्छी या बुरी सिर्फ़ मौसम की वजह से दिख सकती है। मौसम का यह असर हटाने के बाद जो बचता है, वही है शहर का अपना, सचमुच का प्रदूषण — और वही 52 दिन से लगातार ऊपर है।
Weather is not the excuse
पिछले साल के मुक़ाबले इस बार बारिश 4.4 मिमी से बढ़कर 10.6 मिमी — बारिश प्रदूषण धो देती है; मिक्सिंग ऊँचाई 550.2 से बढ़कर 691.9 मीटर — ऊँची मिक्सिंग परत प्रदूषण बिखेरती है — इससे प्रदूषण ज़्यादा टिका और हवा बदतर दिखी। पर मौसम का असर हटाने पर AQI पिछले साल से 22 अंक ऊपर है — असली प्रदूषण बढ़ा है; दिखने में जो बिगड़ाव लगा उसमें मौसम का बड़ा हाथ है।
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मौसम का असर हटाने पर भी, दिल्ली के सभी 30 मिलान स्टेशन पिछले साल से बदतर हैं — औसतन 23 AQI अंक ऊपर। यह बढ़त पूरे शहर में है, कहीं छूट नहीं।
Pollutant detail
मौसम का असर हटाने पर PM two point five पिछले साल से 35 percent ऊपर है — यह बढ़त नीति की विफलता है, मौसम की नहीं।
Against the WHO standard
आज दिल्ली के सभी 44 स्टेशन PM two point five के WHO सीमा से ऊपर हैं — और सभी 43 स्टेशन PM ten में WHO ही नहीं, भारत के NAAQS मानक से भी ऊपर।
What it does to health
इस स्तर पर साँस और दिल के मरीज़ों, बच्चों और बुज़ुर्गों को तकलीफ़ हो सकती है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें — एक, PM ten के स्रोत — निर्माण-धूल और सड़क-धूल; और PM two point five के स्रोत — उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन — दोनों पर तुरंत सख़्ती। दो, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur के इलाक़े, PM ten 144.0 micrograms यानी WHO सीमा से 3.2 गुना ऊपर; और यहाँ मौसम-मुक्त हवा पिछले साल से 1 अंक बिगड़ी है — वहाँ स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी। तीन, हर स्टेशन का real-time AQI नागरिकों को खुले तौर पर मिले।
Worst station
सबसे ख़राब हालत Anand Vihar में है — AQI 206, ‘ख़राब’ श्रेणी, और इसे PM ten चढ़ा रहा है। मौसम का असर हटाने पर भी यहाँ की हवा पिछले साल से 25 अंक ख़राब है।
एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं
गैस आँकड़ों — ख़ासकर NO2 — में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं — इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।