प्रकाशक Ajay Maken, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 28 July 2026

पर्दा मौसम ने डाला है, उसके पीछे सरकार की नाकामी छिपी है।

दिखने में आज दिल्ली का औसत AQI 83 है, पर मौसम का असर हटाते ही यह 87 पर पहुँच जाता है, यानी असल हालत इससे भी ख़राब है।

29 / 29
स्टेशन बदतर
पिछले साल की इसी अवधि से
+9
औसत स्टेशन, एक्यूआई अंक
पिछले साल से ऊपर, मौसम का असर हटाकर
+12.4
सबसे बुरा दसवाँ हिस्सा, एक्यूआई अंक
सबसे अधिक प्रभावित स्टेशन
विश्लेषण की अवधि: 27 जुलाई सुबह 10 बजे से 28 जुलाई सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 21 जुलाई से 4 अगस्त 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 0.6 MB
हिंदी में। अवधि 105 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

Pollutant detail
गणित से मौसम का हिस्सा छाँट दें, फिर भी PM ten पिछले साल से 13 percent ऊँचा ठहरता है, और यह बढ़ोतरी नीति की विफलता की देन है, मौसम की नहीं।
dw_month_trend
आज की सबसे अहम बात यही है कि मौसम का हाथ पूरी तरह अलग कर देने पर भी दिल्ली का अपना PM ten लगातार 59 दिन से पिछले साल के इन्हीं दिनों की तुलना में ऊपर टिका हुआ है। पूरे 59 दिन, मई से लेकर आज तक, एक भी दिन यह पिछले साल के स्तर से नीचे नहीं उतरा। मौसमी हिस्सा निकाल देने पर भी यह अंतर क़ायम रहता है। यह लगातार चलने वाला, ठहरा हुआ बिगड़ाव है, और यही आज की सच्ची कहानी है।
Against the WHO standard
दिल्ली के 42 में से 40 स्टेशन PM two point five की WHO सीमा को पार कर चुके हैं, और 42 में से 41 स्टेशन PM ten की WHO सीमा से ऊपर हैं।
spatial_divergence
पूरे 14 स्टेशन पर AQI पिछले साल से चढ़ा है, और Pusa में तो यह 83 अंक ऊपर जा पहुँचा। प्रदूषण का बोझ हर जगह बराबर नहीं है।
What it does to health
University of Chicago के Air Quality Life Index के आकलन में दिल्ली का यह प्रदूषण हर नागरिक की औसत उम्र को कई बरस तक घटा देता है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें। पहली, PM ten के स्रोतों यानी निर्माण-धूल और सड़क-धूल, और PM two point five के स्रोतों यानी उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन, दोनों पर बिना देर किए सख़्ती हो। दूसरी, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur का इलाक़ा, जहाँ PM ten 160.1 micrograms यानी WHO सीमा से 3.6 गुना ऊपर है, और मौसम-मुक्त हवा पिछले साल से 14 अंक और बिगड़ चुकी है, वहाँ स्थानीय स्रोतों पर फ़ौरन कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी हो। तीसरी, हर स्टेशन का real-time AQI नागरिकों को खुले तौर पर उपलब्ध कराया जाए।
Worst station
सबसे बुरी हालत Wazirpur की है, जहाँ मौसम का असर हटाते ही AQI 141 पर पहुँच जाता है, और PM ten 160.1 micrograms, यानी WHO सीमा से 3.6 गुना ऊपर।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों — ख़ासकर NO2 — में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं — इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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