प्रकाशक Ajay Maken, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 31 July 2026

यह ठहराव मौसम की मेहरबानी है, सरकार की मेहनत नहीं।

दिल्ली का आज का औसत AQI 89 है — और मौसम का असर निकाल देने पर भी यह पिछले साल से ऊपर ही ठहरता है।

विश्लेषण की अवधि: 30 जुलाई सुबह 10 बजे से 31 जुलाई सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 24 जुलाई से 7 अगस्त 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 1.2 MB
हिंदी में। अवधि 127 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

Weather is not the excuse
पिछले साल की तुलना में इस बार मिक्सिंग ऊँचाई 482.8 से चढ़कर 748.8 मीटर हो गई — ऊँची मिक्सिंग परत प्रदूषण को बिखेर देती है — सो प्रदूषण ज़्यादा फैला और हवा देखने में साफ़ लगी। मगर मौसम का असर हटाते ही AQI पिछले साल से 5 अंक ऊपर है — असली प्रदूषण चढ़ा है; दिखती राहत नीति की नहीं, मौसम की देन है।
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मौसम का हिस्सा गणित से निकाल देने पर भी दिल्ली के सभी 30 मिलान स्टेशन पिछले साल से बदतर निकलते हैं — औसतन 6 AQI अंक ऊपर। यह चढ़ाव पूरे शहर में फैला है, कोई स्टेशन बचा नहीं।
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आज का सबसे बड़ा तथ्य यही है — मौसम का असर आँकड़ों से पूरी तरह निकाल देने पर भी दिल्ली का अपना PM ten लगातार 62 दिन से पिछले साल के ठीक इन्हीं दिनों की तुलना में ऊपर टिका है। पूरे 62 दिन — मई से आज तक — एक भी दिन यह पिछले साल के स्तर से नीचे नहीं आया। मौसम का हिस्सा हटा देने पर भी यह फ़र्क़ क़ायम रहता है। यह थमे बिना चलता, टिकाऊ बिगड़ाव है — और यही आज की सच्ची कहानी है।
Pollutant detail
मौसम का असर निकाल देने पर PM ten पिछले साल से 8 percent ऊपर बैठता है — यह चढ़ाव नीति की नाकामी है, मौसम की नहीं।
Worst station
सबसे बुरी हालत Wazirpur की है — मौसम का असर हटाते ही वहाँ AQI 136 पर पहुँचता है, और PM ten 152.4 micrograms — WHO सीमा से 3.4 गुना ऊपर।
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दिल्ली की सबसे घनी आबादी जहाँ बसती है, वहाँ का औसत AQI 97 है — शहर के आम औसत 89 से भी ऊपर। यानी जहाँ जितने ज़्यादा लोग, हवा उतनी ही ख़राब।
What it does to health
University of Chicago के Air Quality Life Index की गणना के मुताबिक़, दिल्ली का यह प्रदूषण औसत आयु में से कई साल काट देता है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें — पहली, PM ten के स्रोत — निर्माण-धूल और सड़क-धूल; और PM two point five के स्रोत — उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन — दोनों पर बिना देर सख़्ती हो। दूसरी, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur का इलाक़ा, जहाँ PM ten 152.4 micrograms यानी WHO सीमा से 3.4 गुना ऊपर; और यहाँ मौसम-मुक्त हवा पिछले साल से 10 अंक बिगड़ी है — वहाँ स्थानीय स्रोतों पर फ़ौरन कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी हो। तीसरी, WHO मानकों की ओर AQI लक्ष्य कठोर किए जाएँ।
Against the WHO standard
दिल्ली के 42 में से 40 स्टेशन PM two point five की WHO सीमा को लाँघ चुके हैं; और 43 में से पूरे 43 स्टेशन PM ten की WHO सीमा से ऊपर हैं।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों — ख़ासकर NO2 — में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं — इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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