प्रकाशक Ajay Maken, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 03 August 2026

मौसम हटाने पर भी दिल्ली की हवा लगातार 65 दिन से पिछले साल से बदतर है। एक दिन भी राहत नहीं। यह टिकाऊ प्रदूषण है, मौसम नहीं।

आज दिल्ली का औसत AQI दिखने में 81 है — पर मौसम का असर हटाने पर यह 89 बैठता है, यानी असल में उससे भी ख़राब।

65
लगातार दिन बदतर
पिछले साल की इसी अवधि से
141 / 214
इस साल बदतर दिन
2026 में मापे गए कुल दिनों में से
+14.9
औसत अधिकता, µg/m³
PM10 पिछले साल से ऊपर, मौसम का असर हटाकर
विश्लेषण की अवधि: 2 अगस्त सुबह 10 बजे से 3 अगस्त सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 27 जुलाई से 10 अगस्त 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 2.0 MB
हिंदी में। अवधि 115 सेकंड।

सबूत

रोज़ का residual: इस साल का स्तर घटा पिछले साल का

■ लाल रेखा: मौसम का असर हटाने के बाद का residual। शून्य रेखा से ऊपर यानी प्रदूषण पिछले साल से ज़्यादा था; शून्य रेखा से नीचे यानी कम था।
+0+10+20+30 पिछले साल के बराबर +10.6 30 May01 Jul03 Aug µg/m³
हर बिंदु एक residual है: उस दिन का PM10 स्तर, घटा पिछले साल की इसी अवधि का स्तर, मौसम का असर हटाने के बाद। छायांकित पट्टी हर दिन की अनिश्चितता दिखाती है। शून्य रेखा से ऊपर का मतलब है कि दिल्ली की हवा सचमुच पिछले साल से बदतर थी, सिर्फ़ हवा की बदक़िस्मती नहीं; रेखा से नीचे का मतलब है सचमुच साफ़।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

What de-weathering means
‘मौसम का असर हटाना’ यानी de-weathering का मतलब है — हम आँकड़ों में से हवा, बारिश और तापमान का असर गणित से निकाल देते हैं। बारिश और तेज़ हवा प्रदूषण को धो देती या बहा ले जाती है, और शांत मौसम उसे रोक लेता है — इसलिए किसी एक दिन की हवा अच्छी या बुरी सिर्फ़ मौसम की वजह से दिख सकती है। मौसम का यह असर हटाने के बाद जो बचता है, वही है शहर का अपना, सचमुच का प्रदूषण — और वही 65 दिन से लगातार ऊपर है।
weather_mask
मौसम का असर हटाने पर दिल्ली का AQI पिछले साल से 10 अंक ऊपर है — ज़मीनी हवा बिगड़ी है। इसे ज़्यादातर PM ten, PM two point five, ozone चढ़ा रहे हैं। सात में से 5 प्रदूषकों में हालत जस की तस या बदतर है। यह बढ़त नीति की विफलता है, मौसम की कृपा नहीं।
dw_station_breadth
मौसम का असर हटाने पर भी, दिल्ली के सभी 30 मिलान स्टेशन पिछले साल से बदतर हैं — औसतन 10 AQI अंक ऊपर। यह बढ़त पूरे शहर में है, कहीं छूट नहीं।
Against the WHO standard
दिल्ली के 40 में से 37 स्टेशन PM two point five के WHO सीमा से ऊपर; 43 में से 40 स्टेशन PM ten के WHO सीमा से ऊपर। मौसम का असर हटाने के बाद भी दिल्ली का अपना PM two point five WHO की सुरक्षित सीमा से 2.4 गुना ऊपर है।
spatial_divergence
13 स्टेशन पर AQI पिछले साल से बढ़ा है — Alipur में तो 48 अंक ऊपर। प्रदूषण का बोझ असमान है।
gas_context
एक और संकेत — carbon monoxide का स्तर पिछले साल इन्हीं दिनों से 24 percent ऊपर है। यह अतिरिक्त संदर्भ है; आज के आकलन का आधार भरोसेमंद PM two point five और PM ten ही हैं।
What it does to health
University of Chicago के Air Quality Life Index के अनुसार, दिल्ली का प्रदूषण औसत आयु को सालों घटाता है।
Worst station
सबसे ख़राब हालत Wazirpur में है — मौसम का असर हटाने पर वहाँ AQI 134, और PM ten 149.4 micrograms — WHO सीमा से 3.3 गुना ऊपर।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैसों का दर्ज स्तर दुनिया भर के शोध में सवालों के घेरे में है — इसलिए आकलन का आधार भरोसेमंद PM2.5 और PM10 हैं। पर CO की यह तुलना पिछले साल इन्हीं दिनों से उसी माप-प्रणाली पर है, इसलिए इसकी बढ़त की दिशा भरोसेमंद है; गैस केवल अतिरिक्त संदर्भ है।

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