प्रकाशक Ajay Maken, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 04 August 2026

मौसम का नाम मत लीजिए, दिल्ली की हवा का हिसाब सरकार के नाम है।

ऊपरी तौर पर आज दिल्ली का औसत AQI 74 लगता है, पर मौसम का हिस्सा निकालते ही यह 91 पर आ जाता है, यानी सच्चाई इससे भी ख़राब है।

विश्लेषण की अवधि: 3 अगस्त सुबह 10 बजे से 4 अगस्त सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 28 जुलाई से 11 अगस्त 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 2.0 MB
हिंदी में। अवधि 125 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

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मौसम का पर्दा हटाकर देखें तो दिल्ली का AQI पिछले बरस से 10 अंक ऊपर खड़ा है, यानी असली हवा और ख़राब हुई है। इसे ऊपर धकेलने में सबसे आगे PM ten, PM two point five और ozone हैं। सात में से 5 प्रदूषकों में हालत या तो ठहरी हुई है या और बिगड़ी है। यह चढ़ाव नीति की नाकामी का नतीजा है, मौसम की देन नहीं।
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मौसम का असर हटाने पर भी, दिल्ली के सभी 30 मिलान स्टेशन पिछले साल से बदतर हैं — औसतन 11 AQI अंक ऊपर। यह बढ़त पूरे शहर में है, कहीं छूट नहीं।
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आज की सबसे भारी बात यही है: मौसम का पूरा हिस्सा निकाल देने के बाद भी दिल्ली का अपना PM ten लगातार 66 दिन से पिछले साल के ठीक इन्हीं दिनों से ऊपर टिका है। मई से आज तक जितने दिनों के आँकड़े हाथ में हैं, उनमें एक दिन भी पिछले साल के स्तर से नीचे दर्ज नहीं हुआ। 1 दिन का आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। इन दिनों में यह फ़र्क़ औसतन 15 माइक्रोग्राम का रहा है। इस साल अब तक के 215 में से 142 दिन पिछले साल से ऊपर बीते हैं। मौसम का हिसाब अलग कर देने पर भी यह बदलाव जस का तस रहता है। यह बिगड़ाव दिन-ब-दिन क़ायम है, और टिकाऊ है। और यही आज की सबसे बड़ी सच्चाई है।
Against the WHO standard
PM two point five के मामले में दिल्ली के 40 में से 35 स्टेशन WHO सीमा के पार हैं, और PM ten में 43 में से 36 स्टेशन उस सीमा से ऊपर हैं। मौसम का असर हटाने के बाद भी दिल्ली का अपना PM two point five WHO की सुरक्षित सीमा से 2.3 गुना ऊपर ठहरता है।
What it does to health
University of Chicago के Air Quality Life Index का आकलन कहता है कि दिल्ली का प्रदूषण औसत आयु को कई बरस तक छोटा कर देता है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें। पहली, PM ten के स्रोतों पर, यानी निर्माण-धूल और सड़क-धूल पर, और PM two point five के स्रोतों पर, यानी उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन पर, दोनों पर बिना देरी सख़्ती हो। दूसरी, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur का इलाक़ा है, जहाँ PM ten 149.0 micrograms यानी WHO सीमा से 3.3 गुना ऊपर है, और वहाँ मौसम-मुक्त हवा पिछले साल से 7 अंक बिगड़ी है; वहाँ स्थानीय स्रोतों पर फ़ौरन कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी चाहिए। तीसरी, हर स्टेशन का real-time AQI नागरिकों के सामने खुले तौर पर रखा जाए।
Weather is not the excuse
पिछले साल के मुक़ाबले इस बार बारिश 5.3 मिमी से बढ़कर 15.6 मिमी हो गई, और बारिश प्रदूषण को धो देती है, इसलिए प्रदूषण ज़्यादा बिखरा और हवा देखने में साफ़ लगी। पर मौसम का असर हटाते ही AQI पिछले साल से 10 अंक ऊपर मिलता है, यानी असली प्रदूषण चढ़ा है; यह दिखावटी राहत नीति की नहीं, मौसम की देन है।
Worst station
Wazirpur सबसे भारी दबाव में है। वहाँ मौसम का असर निकालने पर AQI 133 दर्ज होता है और PM ten 149.0 micrograms, यानी WHO की सीमा का 3.3 गुना।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों — ख़ासकर NO2 — में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं — इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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