प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 23 August 2026

साँस की हद एक है, हवा उससे कई गुना आगे; जवाबदेही नीति की।

आज दिल्ली का औसत AQI 104 है, और मौसम का असर हटाने पर भी इसमें कोई सुधार नहीं दिखता।

156.9 लाख
दिल्लीवाले ख़राब या उससे बदतर हवा में
ख़राब या उससे बदतर पढ़ने वाले 24 स्टेशनों के चार किलोमीटर के दायरे में
74.9%
शहर की आबादी का हिस्सा
आज यही हवा ले रहे हैं
161
Wazirpur
Moderate

आज के कार्ड

गिनतीदो आँकड़ेसबसे ख़राब स्टेशनचार किलोमीटर के दायरे के लोगस्टेशनों का फैलावआख़िरी कार्डचौड़ा कार्ड

आज इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप पर यही कार्ड गए। पूरा देखने के लिए किसी एक पर टैप कीजिए।

विश्लेषण की अवधि: 22 अगस्त सुबह 10 बजे से 23 अगस्त सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 16 अगस्त से 30 अगस्त 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 4.0 MB
हिंदी में। अवधि 147 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

Worst station
आज सबसे भारी बोझ Wazirpur पर पड़ा। वहाँ PM ten 188 micrograms दर्ज हुआ, WHO सीमा से 4.2 गुना ऊपर; मौसम का असर हटाकर भी 147.5 micrograms, यानी 3.3 गुना ऊपर।
पूरे शहर में आज सबसे ऊँचा AQI Wazirpur का रहा, 161। उस स्टेशन से चार किलोमीटर के भीतर 14 लाख लोग बसते हैं, और यह आँकड़ा किसी औसत का नहीं, उन सबकी साँस का है।
औसत यहीं ख़त्म नहीं होता। इस साल के औसत दिन पर दिल्ली के 13 मॉनिटर, यानी लगभग हर तीसरा, AQI दो सौ के पार दर्ज करते रहे; पिछले साल यह 31 प्रतिशत था। शहर का औसत कोई नहीं पीता, हवा हर कोई अपने मोहल्ले की पीता है।
एक स्टेशन की रीडिंग चार किलोमीटर तक ही भरोसेमंद मानी जाती है, और दिल्ली के 44 निगरानी क्षेत्रों में से 29 इससे कहीं आगे तक फैले हैं। 26 लाख दिल्लीवासी किसी भी स्टेशन से चार किलोमीटर दूर हैं।
44 में से 41 स्टेशन पर आज प्रमुख प्रदूषक PM ten है, शहर की हवा सबसे ज़्यादा यही बिगाड़ रहा है।
एक संकेत और: पिछले साल इन्हीं दिनों से sulphur dioxide 33 percent ऊपर है। यह अतिरिक्त संदर्भ भर है; आज का आकलन भरोसेमंद PM two point five और PM ten पर ही टिका है।
मौसम का असर निकाल देने के बाद भी दिल्ली का अपना PM ten लगातार 86 दिन से पिछले साल के ठीक इन्हीं दिनों के स्तर से ऊपर है। 30 मई से आज तक, पूरे 86 दिन में एक दिन भी वह पिछले साल के नीचे नहीं आया। इनमें 17 दिन ऐसे हैं जिन पर फ़र्क़ इतना छोटा था कि उसे पक्का नहीं कहा जा सकता; बाक़ी हर दिन वह साफ़ दिखा। इन 86 दिनों का औसत फ़र्क़ 13 micrograms per cubic metre रहा है। इस साल अब तक के 235 में से 162 दिन पिछले साल से ऊपर बीते हैं। बीते हफ़्ते यह फ़र्क़ घटा है, और आख़िरी कुछ दिनों पर वह इतना छोटा है कि अकेले उन दिनों पर पक्का दावा नहीं बनता। पर पूरे मौसम का औसत फ़र्क़ हर जाँच में साफ़ ऊपर है। बिगड़ाव क़ायम है, रफ़्तार धीमी पड़ी है। और यही आज की असली कहानी है।
What it does to health
इस हवा में साँस और दिल के मरीज़, बच्चे और बुज़ुर्ग तकलीफ़ में पड़ सकते हैं।
What we are asking for
तीन माँगें सरकार से: एक, PM ten के स्रोतों, निर्माण-धूल और सड़क-धूल, पर तुरंत सख़्ती। दो, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur के इलाक़े में स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी। तीन, AQI के लक्ष्य WHO मानकों की ओर कड़े हों।
Weather is not the excuse
बारिश पिछले साल के 5.9 मिमी से घटकर इस बार 1.3 मिमी रह गई; बारिश कम हो तो प्रदूषण धुलता नहीं, वह ज़्यादा टिकता है और हवा बदतर दिखती है। पर मौसम का असर हटाने पर भी शहर के औसत AQI में पिछले साल से 3 अंक की बढ़त है, असली प्रदूषण बढ़ा है; जो बिगड़ाव आँखों को दिखा, उसमें मौसम का बड़ा हाथ है।
Against the WHO standard
आज दर्ज हुए सभी 43 स्टेशन PM two point five में WHO सीमा से ऊपर हैं, और वही 43 स्टेशन PM ten में WHO ही नहीं, भारत के NAAQS मानक से भी ऊपर। दिल्ली ने आज जो PM two point five साँस में लिया, वह WHO की सुरक्षित सीमा से 2.4 गुना ऊपर था; मौसम का असर हटाकर भी 2.2 गुना ऊपर रहता है।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैसों का दर्ज स्तर दुनिया भर के शोध में सवालों के घेरे में है, इसलिए आकलन का आधार भरोसेमंद PM2.5 और PM10 हैं। पर SO2 की यह तुलना पिछले साल इन्हीं दिनों से उसी माप-प्रणाली पर है, इसलिए इसकी बढ़त की दिशा भरोसेमंद है; गैस केवल अतिरिक्त संदर्भ है।

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